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नई दिल्ली: दिल्ली में तेजी से बढ़ रही कैंसर मरीजों की संख्या, रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा, जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट

Mani

Mon , Dec 08 2025

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नई दिल्ली: दिल्ली में तेजी से बढ़ रही कैंसर मरीजों की संख्या, रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा, जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट

December 8, 2025 at 5:27 PM IST

नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में लगातार कैंसर के मरीजों की संख्या बढ़ रही है. केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रताप राव जाधव के द्वारा राज्यसभा में इस रिपोर्ट की जानकारी दी गई. रिपोर्ट अनुसार, पूरे देश में साल 2024 में 15.33 लाख से अधिक मामले दर्ज हुए हैं. जबकि, 2023 में यह आंकड़ा 14.96 लाख और 2022 में 14.61 लाख था.

आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में 0-74 वर्ष आयु वर्ग के प्रत्येक 6 पुरुषों में से एक और प्रत्येक 7 महिलाओं में से एक को अपने जीवन काल में कैंसर हो सकता है. जबकि, पुरुष 58 वर्ष और महिलाओं के लिए 55 वर्ष की आयु कैंसर के निदान की औसत आयु बताई गई है. वर्ष 2024 में दिल्ली में 28,387 कैंसर के मामले सामने आए हैं और वर्ष 2023 में यह आंकड़ा 27,561 था. इसी तरह 2022 में कैंसर के मरीज 26,735 थे.

दिल्ली में लगातार बढ़ी कैंसर के मरीजों की संख्या:

दिल्ली में कैंसर के मामलों को लेकर एमओसी (MOC) कैंसर सेंटर के विशेषज्ञ डॉक्टर निखिल हिमथानी ने कहा कि दिल्ली में 28,387 कैंसर के रजिस्टर्ड मरीज हैं. उन्होंने कहा कि हमारे पास बहुत से ऐसे मरीज हैं जो रजिस्टर्ड नहीं हैं. इस समय कैंसर लोगों की मौत का सबसे बड़ा कारण है. सारी बीमारियों की बात करें तो कैंसर से मरने वाले मरीजों की संख्या सबसे ज्यादा है. लाजपत नगर के एमओसी कैंसर सेंटर में जागरूकता पर आयोजित कार्यक्रम में डॉ. निखिल ने बताया कि इंडिया में कैंसर के प्रमुख कारणों में बीड़ी, सिगरेट, पान तंबाकू और गुटखा शामिल हैं. उन्होंने बताया कि महिलाओं में ब्रेस्ट और बच्चेदानी के मुंह का कैंसर बहुत कॉमन है. पुरुषों में ओरल कैंसर, लंग कैंसर और लिवर कैंसर के मामले ज्यादा बढ़ रहे हैं.

कैंसर के इलाज की एडवांस तकनीकों में हुई है बढ़ोत्तरी:*

डॉक्टर निखिल ने बताया कि अब कैंसर के इलाज की तकनीकों में काफी बढ़ोत्तरी हुई है. पहले ट्रीटमेंट में अधिकतर कीमो थेरेपी का इस्तेमाल होता था, लेकिन, अब टारगेटेड थेरेपी सहित कई अन्य तरह के इलाज की सुविधाएं कैंसर के इलाज के लिए विकसित हुई हैं. इससे मरीजों के इलाज में सहूलियत मिल रही है.

दिल्ली में सरकारी से ज्यादा प्राइवेट अस्पतालों में कैंसर का इलाज:

अगर दिल्ली में कैंसर के इलाज की बात करें तो डॉक्टर निखिल ने बताया कि एम्स का डॉक्टर बीआर अंबेडकर रोटरी कैंसर सेंटर, सफदरजंग और दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टिट्यूट में कैंसर के इलाज और डे केयर की सुविधा उपलब्ध है. इनके अलावा, कैंसर का इलाज करने वाले प्राइवेट अस्पतालों की संख्या दिल्ली में अधिक है. सरकारी अस्पतालों में लंबी वेटिंग और भीड़ के कारण लोग प्राइवेट अस्पतालों में इलाज कराने के लिए मजबूर हो जाते हैं. उन्होंने बताया हालांकि, सरकार की ओर से बहुत सारे मरीजों को सीजीएचएस रेट पर और सरकारी पैनल वाले निजी अस्पतालों में भी इलाज कराने की सुविधा मिल जाती है, जिससे उनके ऊपर आर्थिक बोझ कम पड़ता है. उन्होंने बताया कि दिल्ली में किफायती और कैंसर के सस्ते इलाज के लिए एमओसी जैसे सेंटर खुलने से भी मरीजों को इलाज मिलने में आसानी हो रही है.

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